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Wednesday, 24 January 2018

जज्बातों की कहानी

ता उम्र छुपाया उन जज्बातो को,
सब कुछ दिल की गहराई मे दफना दिया।
सोचा खाली कर दूँ खुद को लिखकर कहानी
हर शब्द उसके लिए हैं उसनें ये भी पहचान लिया।।

【आदी】

Saturday, 27 May 2017

तुम याद आये....

घिरी बरखा जो यहाँ
तो तुम याद आये
गिरा सावन जो रिमझिम
तो तुम याद आये..|
जो खुशबू मिली मिट्टी से
तो तुम याद आये
जो गरजे काले मेघा
तो तुम याद आये....||

दूरी भी कहाँ दूर करे तुमसे
याद भी अब आये तो मन बहकाये
ये मूसलाधार भी न प्यास बुझाये
दिल में लगी आग कुछ यूँ मुझे जलाये..|
कि तेरा नाम क्यों बार बार मेरे सामने आये
जो चाहा सबसे ज्यादा भूलना सिर्फ वही याद आये..
अब तो जो आँख भी लगे गलती से
तो सपने में तुम नजर आये.....||

घिरी बरखा जो यहाँ
तो तुम याद आये
गिरा सावन जो रिमझिम
तो तुम याद आये....||

Sunday, 21 May 2017

पुरानी कहानी

रातों की नींद आँखों के पानी के साथ बह गई,
न चाहते हुये भी याद बहुत कुछ कह गई..|
चाहत का ऐतबार मुझे पूरा था मगर,
दूर वो हुई और सीने में चुभन रह गई..||
देखी तस्वीर जो उसकी तो रवानी कुछ कह गई,
वक्त बीता तो ढ़लती जवानी कुछ कह गई..|
भूलकर सब जो लिखना चाही अपनी आरज़ू तो,
किताब के सूखे गुलाब की कहानी कुछ कह गई..||

Saturday, 13 May 2017

तड़पती रूह

मेरे अश्कों की तू भी सौगात होगा
शब्द मेरे भी होंगे तू बेबाक होगा..
मेरी मोहब्बत का रंग लगता है फीका तो क्या
वफाओं के आगे मेरीे तू लाज़वाब होगा..||

अँघेरा दूर करने को मुझपर चिराग होगा,
रोशनी तो कम होगी मगर आफ़ताब होगा..
किस्सा लगता रहा हाल-ए-दिल मेरा जो
महफिलों की हर जुबां का वही सरताज़ होगा..||

दिन तो वो भी आयेगा जो मेरे साथ होगा
यादों को संजोया तुझपर भी गुलाब होगा..
मेरी तड़प से नही हूँ खुद मैं रूबरू
दिल में लगी आग की जलन का एहसास होगा..||

मेरे अश्कों की तू भी सौगात होगा
शब्द मेरे भी होंगे तू बेबाक होगा......||

( आदी )

Friday, 12 May 2017

होता है क्या अब भी.....

होता है क्या अब भी,
तेरा बादलों को देखकर खुश हो जाना,
बारिश की पहली बूँद के साथ ही
तेरा दौड़कर बाहर आना..

कभी मुस्कुराना, कभी शर्माना ,
कभी बेवज़ह नाराज हो जाना..
दूर जाने पर घबराना,
पास आने पर गले लगाना..
होता है क्या अब भी,
तेरा बादलों को देखकर खुश हो जाना..??

Tuesday, 21 February 2017

नशा जो उतरता नही..

एक साज है जो कभी छुपता नही,
एक सपना है जो कभी मरता नही,
होश में हूँ मैं और बेहोश भी,
एक नशा ऐसा है जो कभी उतरता नही....||

एक पत्ता ऐसा है जो कभी झड़ता नही,
एक बाग ऐसा है जो कभी उजड़ता नही,
लाखों जतन भी किये लोगों ने,
एक नशा  ऐसा है जो कभी उतरता नही....||

बात तो छोटी सी है......
यौवन उसका ढ़लता नही,
प्रेमी जब होते हैं प्यार में,
तो यह वो नशा है जो कभी उतरता नही..यह वो नशा है जो कभी उतरता नही.......||