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Thursday, 27 April 2017

बदल जाता है....

दिन बदल जाता है, तारीख़ बदल जाती है,
आँखों के आगे की तस्वीर बदल जाती है..
नकाब़ गिरते हैं लगते हैं रोज़ाना,
लोगों की नीयत और तरकीब़ बदल जाती है.....

यूँ तो रोशन सूरज भी बदल जाता है,
रात को चाँद का आकार बदल जाता है..
तारे तो यूँ ही जगमगाते है हरदम़,
पर लगता है सारा आसमान बदल जाता है़....

कुदरत के करिश्मे से जहान बदल जाता है,
ऊपर वाले के आगे तूफान बदल जाता है..
ज़िन्दगी हर किसी को वो ही देता है,
फिर भी यहाँ मरते ही शमशान बदल जाता है....||

( आदित्य कुमार अवस्थी - आदी )

Saturday, 18 February 2017

मेरी दुनिया

ख्वाहिशें बहुत हैं दिले नादां में मगर..
उम्मीदों से भरा गुलिस्तां भी बाकी है|
सफऱ लम्बा उलझनों भरा है मगर..
मेरे ख्वाबों की उड़ान अभी बाकी है|

दौर ए कठिनाई भी गुज़र जायेगा..
खुशनुमां वक्त से मुलाकात होगी|
हथेलियों में मेरा भी आसमां होगा..
मेरी सुबह की भी हसीन शाम होगी||

हथेलियों में मेरा भी आसमां होगा..
मेरी सुबह की भी हसीन शाम होगी||


(आदी)